आदमखोर बाघ की दहाड़ से थर्राए ग्रामीण, महाराष्ट्र में इंसान, तो छत्तीसगढ़ में मवेशियों का कर चुका है शिकार

Estimated read time 1 min read

मोहला-मानपुर। सीमा पार महाराष्ट्र समेत छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिला अंतर्गत सीमावर्ती औंधी तहसील क्षेत्र में आदमखोर बाघ की वजह से ग्रामीण खौफ के साए में जी रहे हैं. बाघ जहां सीमा पार महाराष्ट्र में एक इंसान को अपना निवाला बना चुका है, वहीं छत्तीसगढ़ में दो मवेशियों का भी शिकार कर चुका है. बाघ के सिलसिलेवार तरीके से घटना को अंजाम दिए जाने के बाद क्षेत्रीय वन महकमे ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है. घटना मोहला-मानपुर जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती दक्षिण वन परिक्षेत्र मानपुर तथा महाराष्ट्र के मुरूमगांव वन क्षेत्र की है. दक्षिण वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय राजपूत ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 12 फरवरी को औंधी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गहनगट्टा में बाघ ने एक पालतू मवेशी पर हमला कर उसे अपना ग्रास बनाया. इसके बाद 24 फरवरी को औंधी से महाराष्ट्र के मुरूमगांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग में छत्तीसगढ़ के अंतिम ग्राम आलकंहार से चंद फासले पर ही मौजूद महाराष्ट्र के ग्राम कहेकवाही और उमरपाल के बीच ग्रामीण राहगीर बुधु सिंह उसेंडी पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया, यही नहीं उसके शरीर के हिस्सों को बाघ ने अपना निवाला बनाया. जानकारी के मुताबिक, बाघ ने जिस ग्रामीण को मारा वह अधेड़ उम्र का ग्रामीण महाराष्ट्र के मुरूमगांव थानाक्षेत्र अंतर्गत ग्राम केहेकवाही ग्राम का निवासी है. बीते 24 फरवरी को वह मुरूमगांव में आयोजित मेले से ट्रैक्टर में सवार होकर ग्राम उमरपाल पहुंचा. तथा रात में उमरपाल से अकेले पैदल अपने गांव केहकावाही जा रहा था. इसी बीच बाघ ने बीच रास्ते उसे मार डाला. रामीण को मारने के ठीक एक दिन बाद ये बाघ दोबारा छत्तीसगढ़ सीमा के भीतर आ घुसा और 25-26 फरवरी की दरमियानी रात उसने मानपुर ब्लॉक के सीतागांव ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम पिटेमेटा में एक और पालतू मवेशी को मार डाला, और उसके शरीर का आधा हिस्सा खा गया.

वन विभाग ने लगाए ट्रैप कैमरे, ग्रामीणों से की अपील

मोहला-मानपुर जिले के वन मंडलाधिकारी दिनेश पटेल ने बताया कि जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती जंगल व गांव के करीब बाघ की आमद के बाद क्षेत्रीय वन अमला लगातार सुरक्षात्मक कार्यों में जुटा हुआ है. संबंधित क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिससे बाघ का लोकेशन जाना जा सके. उन्होंने क्षेत्रवासियों को भी सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है.

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours